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आज इस ब्लॉग में हम आपको गणेश भगवान के 108 नाम (108 names of Ganesha) के बारे में जानकारी देने वाले हैं। सायद आपको भगवान गणेश के 108 नाम के बारे में न पता हो।
जय श्री गणेश दोस्तों, गणपति आदिदेव हैं जिन्होंने हर युग में अलग अवतार लिया। भगवान श्री गणेश की शारीरिक संरचना में भी विशिष्ट व गहरा अर्थ निहित है।
इस एकाक्षर ब्रह्म में ऊपर वाला भाग गणेश का मस्तक, नीचे का भाग उदर, चंद्रबिंदु लड्डू और मात्रा सूँड है। शिवमानस पूजा में श्री गणेश को प्रणव (ॐ) कहा गया है।
चारों दिशाओं में सर्वव्यापकता की प्रतीक उनकी चार भुजाएँ हैं। वे लंबोदर हैं क्योंकि समस्त चराचर सृष्टि उनके उदर में विचरती है। बड़े कान अधिक ग्राह्यशक्ति व छोटी-पैनी आँखें सूक्ष्म-तीक्ष्ण दृष्टि की सूचक हैं।
उनकी लंबी नाक (सूंड) महाबुद्धित्व का प्रतीक है। भगवान गणेश देवो के देव भगवान शिव और माता पार्वती के सबसे छोटे पुत्र हैं। भगवान गणेश की पत्नी का नाम रिद्धि और सिद्धि है। रिद्धि और सिद्धि भगवान विश्वकर्मा की पुत्रियां हैं।
गजानन, गणपति, विनायक, लम्बोदर, गौरीपुत्र, गणेश आदि गणपति बप्पा के अनेकों नाम उनकी महिमा और स्वरूप का वर्णन करते हैं। शास्त्रों और पुराणों में भगवान गणेश की महिमा की अनेकों गाथाओं और महिमा का गान मिलता है।
इन्हीं पौराणिक कथाओं के अनुसार गणेश चतुर्थी का दिन भगवान गणेश के पूजन और उनको प्रसन्न करने का विशेष दिन है। मान्यता है कि इस दिन ही भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इसलिए आज गणेश चतुर्थी के दिन से अनंत चतुर्दशी के दिन तक गणेश उत्सव मनाया जाता है।
इस वर्ष 2023 में गणेश चतुर्थी 19 सितम्बर दिन मंगलवार को है। इस दिन पूरे भारत में लोग अपने घर या पंडाल में श्री गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की जाती है और धूमधाम से भजन कीर्तन, आरती की जाती है।
वैसे तो हम सबके प्यारे भगवान गणेश के बहुत सारे नाम हैं, लेकिन आज हम आपको उनके खास 108 नामों (108 names of Ganesha) के बारे में बताने वाले हैं।
गणेश उत्सव के काल में भगवान गणेश के नामों का स्मरण करने मात्र से भी भक्तों के सभी कष्ट और संकट दूर होते हैं। गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के 108 नामों (108 Names of Ganesha) का जाप भी कर सकते हैं।

भगवान श्री गणेश मंत्र- ॐ वक्रतुंडाय विद्महे एकदंताय धिमहि तन्नो द दंती प्रचोद्यात। वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभः निर्विघ्नं कुरु में देव सर्वे कार्येषुसर्वदा:। उन्हें मोतीचूर के लड्डू और दूर्वा अर्पित भी करें। उन्हें लाल रंग के सिंदूर का तिलक लगा कर, अपने माथे पर भी सिंदूर का तिलक लगाएं आपकी सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
Table of Contents
श्री गणेश जी के 108 नाम (108 Names of Ganesha)
क्रमांक | श्री गणेश जी नाम | नाम का अर्थ |
1 | बालगणपति | सबसे प्रिय बालक |
2 | भालचन्द्र | जिसके मस्तक पर चंद्रमा हो |
3 | बुद्धिनाथ | बुद्धि के भगवान |
4 | धूम्रवर्ण | धुंए को उड़ाने वाले |
5 | एकाक्षर | एकल अक्षर |
6 | एकदन्त | एक दांत वाले |
7 | गजकर्ण | हाथी की तरह आंखों वाले |
8 | गजानन | हाथी के मुख वाले भगवान |
9 | गजवक्र | हाथी की सूंड वाले |
10 | गजवक्त्र | हाथी की तरह मुंह है |
11 | गणाध्यक्ष | सभी जनों के मालिक |
12 | गणपति | सभी गणों के मालिक |
13 | गौरीसुत | माता गौरी के बेटे |
14 | लम्बकर्ण | बड़े कान वाले देव |
15 | लम्बोदर | बड़े पेट वाले |
16 | महाबल | अत्यधिक बलशाली |
17 | महागणपति | देवादिदेव |
18 | महेश्वर | सारे ब्रह्मांड के भगवान |
19 | मंगलमूर्ति | सभी शुभ कार्यों के देव |
20 | मूषकवाहन | जिनका सारथी मूषक है |
21 | निदीश्वरम | धन और निधि के दाता |
22 | प्रथमेश्वर | सब के बीच प्रथम आने वाले |
23 | शूपकर्ण | बड़े कान वाले देव |
24 | शुभम | सभी शुभ कार्यों के प्रभु |
25 | सिद्धिदाता | इच्छाओं और अवसरों के स्वामी |
26 | सिद्दिविनायक | सफलता के स्वामी |
27 | सुरेश्वरम | देवों के देव |
28 | वक्रतुण्ड | घुमावदार सूंड वाले |
29 | अखूरथ | जिसका सारथी मूषक है |
30 | अलम्पता | अनन्त देव |
31 | अमित | अतुलनीय प्रभु |
32 | अनन्तचिदरुपम | अनंत और व्यक्ति चेतना वाले |
33 | अवनीश | पूरे विश्व के प्रभु |
34 | अविघ्न | बाधाएं हरने वाले |
35 | भीम | विशाल |
36 | भूपति | धरती के मालिक |
37 | भुवनपति | देवों के देव |
38 | बुद्धिप्रिय | ज्ञान के दाता |
39 | बुद्धिविधाता | बुद्धि के मालिक |
40 | चतुर्भुज | चार भुजाओं वाले |
41 | देवादेव | सभी भगवान में सर्वोपरि |
42 | देवांतकनाशकारी | बुराइयों और असुरों के विनाशक |
43 | देवव्रत | सबकी तपस्या स्वीकार करने वाले |
44 | देवेन्द्राशिक | सभी देवताओं की रक्षा करने वाले |
45 | धार्मिक | दान देने वाले |
46 | दूर्जा | अपराजित देव |
47 | द्वैमातुर | दो माताओं वाले |
48 | एकदंष्ट्र | एक दांत वाले |
49 | ईशानपुत्र | भगवान शिव के बेटे |
50 | गदाधर | जिनका हथियार गदा है |
51 | गणाध्यक्षिण | सभी पिंडों के नेता |
52 | गुणिन | सभी गुणों के ज्ञानी |
53 | हरिद्र | स्वर्ण के रंग वाले |
54 | हेरम्ब | मां का प्रिय पुत्र |
55 | कपिल | पीले भूरे रंग वाले |
56 | कवीश | कवियों के स्वामी |
57 | कीर्ति | यश के स्वामी |
58 | कृपाकर | कृपा करने वाले |
59 | कृष्णपिंगाश | पीली भूरी आंख वाले |
60 | क्षेमंकरी | माफी प्रदान करने वाला |
61 | क्षिप्रा | आराधना के योग्य |
62 | मनोमय | दिल जीतने वाले |
63 | मृत्युंजय | मौत को हराने वाले |
64 | मूढ़ाकरम | जिनमें खुशी का वास होता है |
65 | मुक्तिदायी | शाश्वत आनंद के दाता |
66 | नादप्रतिष्ठित | जिन्हें संगीत से प्यार हो |
67 | नमस्थेतु | सभी बुराइयों पर विजय प्राप्त करने वाले |
68 | नन्दन | भगवान शिव के पुत्र |
69 | सिद्धांथ | सफलता और उपलब्धियों के गुरु |
70 | पीताम्बर | पीले वस्त्र धारण करने वाले |
71 | प्रमोद | आनंद |
72 | पुरुष | अद्भुत व्यक्तित्व |
73 | रक्त | लाल रंग के शरीर वाले |
74 | रुद्रप्रिय | भगवान शिव के चहेते |
75 | सर्वदेवात्मन | सभी स्वर्गीय प्रसाद के स्वीकर्ता |
76 | सर्वसिद्धांत | कौशल और बुद्धि के दाता |
77 | सर्वात्मन | ब्रह्मांड की रक्षा करने वाले |
78 | ओमकार | ओम के आकार वाले |
79 | शशिवर्णम | जिनका रंग चंद्रमा को भाता हो |
80 | शुभगुणकानन | जो सभी गुणों के गुरु हैं |
81 | श्वेता | जो सफेद रंग के रूप में शुद्ध हैं |
82 | सिद्धिप्रिय | इच्छापूर्ति वाले |
83 | स्कन्दपूर्वज | भगवान कार्तिकेय के भाई |
84 | सुमुख | शुभ मुख वाले |
85 | स्वरूप | सौंदर्य के प्रेमी |
86 | तरुण | जिनकी कोई आयु न हो |
87 | उद्दण्ड | शरारती |
88 | उमापुत्र | पार्वती के पुत्र |
89 | वरगणपति | अवसरों के स्वामी |
90 | वरप्रद | इच्छाओं और अवसरों के अनुदाता |
91 | वरदविनायक | सफलता के स्वामी |
92 | वीरगणपति | वीर प्रभु |
93 | विद्यावारिधि | बुद्धि के देव |
94 | विघ्नहर | बाधाओं को दूर करने वाले |
95 | विघ्नहत्र्ता | विघ्न हरने वाले |
96 | विघ्नविनाशन | बाधाओं का अंत करने वाले |
97 | विघ्नराज | सभी बाधाओं के मालिक |
98 | विघ्नराजेन्द्र | सभी बाधाओं के भगवान |
99 | विघ्नविनाशाय | बाधाओं का नाश करने वाले |
100 | विघ्नेश्वर | बाधाओं के हरने वाले भगवान |
101 | विकट | अत्यंत विशाल |
102 | विनायक | सब के भगवान |
103 | विश्वमुख | ब्रह्मांड के गुरु |
104 | विश्वराजा | संसार के स्वामी |
105 | यज्ञकाय | सभी बलि को स्वीकार करने वाले |
106 | यशस्कर | प्रसिद्धि और भाग्य के स्वामी |
107 | यशस्विन | सबसे प्यारे और लोकप्रिय देव |
108 | योगाधिप | ध्यान के प्रभु |
FAQ
Q: 2023 में गणेश चतुर्थी कब है?
Ans: 2023 में गणेश चतुर्थी 19 सितम्बर दिन मंगलवार को है।
Q: भगवान गणेश के कितने नाम है?
Ans: भगवान गणेश को बहुत सारे नामो से जाना जाता है, जैसे की- गणपति, विनायक, गजानन, गणेश्वर, गौरीनंदन, गौरीपुत्र, श्री गणेश, गणधिपति, सिद्धिविनायक, अष्टविनायक, बुद्धिपति, शुभकर्ता, सुखकर्ता, विघ्नहर्ता,महागणपति आदि नामों से जाना जाता है।
Q: भगवान गणेश जी का प्रतीक क्या है?
Ans: भगवान गणेश जी का प्रतीक स्वास्तिक और मोदक है।
निष्कर्ष-
इस तरह से अब आपको पता चल गया होगा की, हमने आपको भगवान श्री गणेश के 108 नाम (108 Names of Ganesha) और श्री गणेश के नाम का अर्थ भी बताया गया है।
अगर आपको कोई चीज़ जो आज हमने बताई वो समझ में न आई हो, तो आप हमसे नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।
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